smvad between father and son on topic pollution in hindi?

मित्र!
हमारे एक मित्र ने भी आपके प्रश्न का उत्तर दिया है। हम भी अपने विचार दे रहे हैं। आप इनकी सहायता से अपना उत्तर पूरा कर सकते हैं।

पिता - बेटा! आजकल बदलते वातावरण के कारण बाहर सांस लेना भी कितना मुश्किल है।
बेटा- हां पिताजी! इसके लिए हम मनुष्य ही जिम्मेदार है क्योंकि अन्य जीव प्रदूषण नहीं करते हैं। 
पिता- सही कहा बेटा!
बेटा- पिताजी! प्रदूषण कितने प्रकार के होते हैं?
पिता- बेटा! प्रदूषण कई प्रकार के होते हैं। इनमें वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनी प्रदूषण इत्यादि मुख्य हैं। 
बेटा – पिताजी! प्रदूषण कैसे फैलता है?
पिता- मनुष्य तकनीक के नाम पर नए-नए उपकरणों का प्रयोग कर रहा है और इससे वातावरण को हानि हो रही है। बड़े-बड़े कारखाने धुंआ उगलते हुए वातावरण को बर्बाद कर रहे हैं। रोज नई-नई गाड़ियां लोग खरीद रहे हैं। खुले में कूड़ा जलाया जाता है जिससे भयंकर प्रदूषण होता है।   
बेटा- प्रदूषण से कैसे बचा जा सकता है?
पिता- बेटा! हम यदि आज ही से सावधान हो जाएँ तो भविष्य में प्रदूषण निश्चय ही कम हो जायेगा।

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Father. Khaste hue.... Aaj kal to bahar nikalna hi mushkil hai Son. Haa papa pollution itna bar gaga hai ki think we saans Lena bhi mushkil hai. Father. Haa beta par kya kare aaj Kal gariya bhito kina jyada bar gay isiliye pollution bhi jyada hoo haha hai. Son. Par papa hame school main sikhaya jata hai ki hame aapne environment KO saaf rakhna chahiy. Papa. Haa beta... Dekhna eek din ESA hoya ki hame oxygen Milan bhi band hi jayga
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